Oct 11 2026 | २०८३, असोज २५गते

images
ताजा अपडेट

images
images
images
images

बराम भाषाको कवितामार्फत विद्या बरामको सशक्त प्रस्तुति, २९ औँ मातृभाषा साहित्य श्रृङ्खलामा


ग्लोबल पाना
शुक्रबार, पुस ४ २०८२
  • 977
    SHARES

  • images
    बराम भाषाको कवितामार्फत विद्या बरामको सशक्त प्रस्तुति, २९ औँ मातृभाषा साहित्य श्रृङ्खलामा

    पहिचानगो क्याख्मुन्-आदिबासी जेन-जी

    images
    images
    images

    ङि आदिबासी जेन-जी

    यस्ताक पुस्ता जो

    पहिचान आदाङ्गो ज्योगो निङा

    पहिचानको लागी खामुन्गो निङा

    र पहिचीन सङ जिवागो निङा

     

    निगो पहिचान

    आयोगो मामी-इतिहास मी

    निगो अस्तित्व

    आहान् मामी-प्रमाण मी

    निगो आवाज मतै आवाज मामी

    पहिचान मेट्दिगो गै लाखइ मङ मी

     

    मी निगो जिम्मा सरल माहॅा

    तर निङा बद्रेइ आलामपुर्ण

    पुर्खागाङ अथिक्को सिपगइ भविष्य

    पिगो लिक्को निगो पुस्तागो गिदुमधर्म

     

    भाषा निगो संवादगो सब्द मतै मामी

    एकाम् त हो पहिचानगो आट्ठै

    एकाम् हेकुगो दए ङि मङ हेकुङ

    सिगो टुकि झै अन्दमन्द नाम्कु

     

    तर हारे अझै निगो रस्राग सेगै अबिला निलिक?

    हारे अधिकारगै उच्चोगा सर्दिगो?

    निगै नसेटे देश महा पुर्ण

    लिक्को सबैगा स्पष्ट

     

    थै लेख्दिगो नेप्ना निगो अधिकार

    तिबाङ् कानुनगो पानारुगा

    अनि खुलैगो ङिलिक नि जिवागो निङा

    निगो पहिचान

    हजारौ वर्ष समन् मङ् आदिबासीहरु माझ॥

    images

    प्रतिक्रिया दिनुहोस
    ताजा अपडेट
    ट्रेन्डिङ